Audio Bhajan Download Hans-Jab-Jab-Udda-Tab-Akela-Udda.mp3 Lyrics जिन्दगी में हज़ारों का मेला जुड़ा, हंस जब-जब उड़ा अकेला उड़ा।न वो राजा रहे न वो रानी रही, कहने सुनने को केवल कहानी रही। चीज हर एक आनी जानी रही, न बुढ़ापा रहा न जवानी रही।चार दिन के लिये जग झमेला जुड़ा।। हंस जब-जब………। ठाठ सारे पड़े के पड़े रह… Continue reading हंस जब-जब उड़ा अकेला उड़ा
